धर्म

कौन हैं टेसू-झेंझी? खाटू श्याम जी से क्या है इनका खास रिश्ता

Tesu Jhenjhi Story: टेसू-झेंझी का विवाह उत्तर भारत की अनोखी लोक परंपरा है। मान्यता है कि इसका रिश्ता खाटू श्याम जी यानी वीर बर्बरीक की अधूरी प्रेम कहानी से जुड़ा है।

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Tesu Jhenjhi Story

Tesu Jhenjhi Story: भारत में कई ऐसी लोक परंपराएं हैं, जिनके पीछे प्रेम, वीरता और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी कहानियां सुनने को मिलती हैं। टेसू-झेंझी का विवाह भी ऐसी ही एक परंपरा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में दशहरे के बाद बच्चे टेसू को दूल्हा और झेंझी को दुल्हन बनाकर घर-घर जाते हैं। शरद पूर्णिमा की रात दोनों का प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। लोकमान्यता के अनुसार, इस परंपरा का संबंध महाभारत के वीर बर्बरीक से भी जोड़ा जाता है, जिन्हें खाटू श्याम जी के नाम से पूजा जाता है।

2026 में टेसू-झेंझी का विवाह कब है?

साल 2026 में शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को है। इसी रात कई जगहों पर टेसू-झेंझी का प्रतीकात्मक विवाह कराया जाएगा। इसके लिए दशहरे के बाद से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। बच्चे लोकगीत गाते हुए घर-घर जाते हैं और शादी के लिए पैसे या अनाज इकट्ठा करते हैं।