Navratri Havan Muhurat: शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करने के बाद भक्त हवन और कन्या पूजन के साथ पूजा का समापन करते हैं। कुछ घरों में अष्टमी को हवन किया जाता है, जबकि कई परिवार नवमी के दिन यह परंपरा निभाते हैं। इस बार तिथियों को लेकर थोड़ा असमंजस है, क्योंकि 20 अक्टूबर को सुबह नवमी और दोपहर में दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग के अनुसार, विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। ऐसे में हवन का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके घर में नवमी हवन की परंपरा है या दशमी पर पूजा की जाती है।
20 अक्टूबर को हवन का शुभ मुहूर्त क्या है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, नई दिल्ली में 20 अक्टूबर को नवमी हवन का समय सुबह 6 बजकर 25 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक बताया गया है। इस दौरान भक्त अपनी सुविधा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार हवन कर सकते हैं। वहीं, 19 अक्टूबर को भी नवमी हवन के लिए सुबह 10 बजकर 51 मिनट से शाम 5 बजकर 48 मिनट तक का मुहूर्त दिया गया है। हवन से पहले अपने स्थानीय पंचांग और पुरोहित से समय की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।
दशमी के दिन सुबह हवन करें या दोपहर में?
20 अक्टूबर को सुबह नवमी तिथि रहने के कारण नवमी हवन सुबह किया जा सकता है। दोपहर 12 बजकर 50 मिनट के बाद दशमी तिथि शुरू होने का उल्लेख है। हालांकि, दशमी तिथि का मुहूर्त और नवमी हवन का मुहूर्त अलग-अलग होते हैं। अगर आपके घर में दशमी के दिन ही हवन करने की परंपरा है, तो पुरोहित से सही समय पूछकर पूजा करें। शमी पूजा, अपराजिता पूजा और नवमी हवन अलग-अलग धार्मिक परंपराएं हैं, इसलिए इनके समय को एक जैसा नहीं मानना चाहिए।
नवरात्रि हवन की आसान विधि
हवन करने से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई कर लें। मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं और गणेश जी का स्मरण करें। इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करके हवन का संकल्प लें। अब सुरक्षित जगह पर रखे हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित करें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार हवन सामग्री अर्पित करें। सामान्य पूजा में 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जाप करते हुए आहुति दी जा सकती है। विस्तृत चंडी हवन के लिए पुरोहित की सहायता लेना उचित रहता है।हवन पूरा होने पर पूर्णाहुति दें, मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। इस दौरान आग और धुएं से बचाव का पूरा ध्यान रखें।
दशमी हवन और विजयादशमी पूजा 2026 का समय
- महा नवमी : 19 अक्टूबर 2026, सोमवार
- नवमी तिथि प्रारंभ : 19 अक्टूबर, सुबह 10:51 बजे
- नवमी तिथि समाप्त : 20 अक्टूबर, दोपहर 12:50 बजे
- 20 अक्टूबर नवमी हवन मुहूर्त सुबह : 6:25 से दोपहर 12:50 बजे
- विजयादशमी : 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार
- दशमी तिथि प्रारंभ : 20 अक्टूबर, दोपहर 12:50 बजे
- दशमी तिथि समाप्त : 21 अक्टूबर, दोपहर 2:11 बजे
- विजय मुहूर्त : 20 अक्टूबर, दोपहर 1:59 से 2:45 बजे
- अपराह्न पूजा काल : 20 अक्टूबर, दोपहर 1:14 से 3:30 बजे
हवन के बाद कलश विसर्जन कब करें?
कई घरों में नवमी हवन और कन्या पूजन के बाद कलश विसर्जन किया जाता है। इसके लिए परिवार अपनी परंपरा के अनुसार पूजा का समापन करता है। कलश हटाने से पहले मां दुर्गा से पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगें। कलश का जल घर में छिड़क सकते हैं या पौधों में डाल सकते हैं। पूजा सामग्री को नदियों और तालाबों में फेंकने के बजाय पर्यावरण के अनुकूल तरीके से विसर्जित करें। सबसे जरूरी है कि पूजा अपने घर की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार पूरी श्रद्धा से करें।
