Navratri: शारदीय नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए खास माने जाते हैं। मान्यता है कि इन दिनों श्रद्धा से पूजा, मंत्र जाप और जरूरतमंदों को दान करने से मन को शांति मिलती है। आइए जानते हैं नौ दिनों में किस देवी की पूजा करें, कौन सा रंग शुभ माना जाता है और क्या दान कर सकते हैं।
1. पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां बैल पर विराजमान हैं और उनके एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में कमल है। उनका स्वरूप शक्ति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन नारंगी रंग के कपड़े पहन सकते हैं।
मंत्र: ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः।
मंत्र का 108 बार जाप करें। मां को सफेद फूल अर्पित करें और जरूरतमंदों को भोजन या चने की दाल का दान कर सकते हैं।
2. दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होती है। उनके एक हाथ में जपमाला और दूसरे में कमंडल है। मां का स्वरूप तपस्या, संयम और भक्ति का संदेश देता है। इस दिन सफेद रंग शुभ माना जाता है।
मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः।
मां की पूजा के बाद फल और मिश्री का भोग लगाएं। जरूरतमंद बच्चों को कॉपी-किताबें दान कर सकते हैं।
3. तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है। मां सिंह पर सवार हैं और साहस व निर्भयता की प्रतीक मानी जाती हैं। इस दिन लाल रंग पहन सकते हैं।
मंत्र: ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः।
मां को फूल अर्पित करें, आरती करें और जरूरतमंद परिवार को भोजन का दान दें।
4. चौथा दिन: मां कूष्मांडा की पूजा
चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना होती है। मान्यता है कि उनकी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना हुई। मां को ऊर्जा और सृजन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन नीला रंग शुभ माना जाता है।
मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः।
मां को मौसमी फल चढ़ाएं और जरूरतमंदों को फल या भोजन दान करें।
5. पांचवां दिन: मां स्कंदमाता की पूजा
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। मां अपनी गोद में बाल कार्तिकेय को धारण करती हैं। उनका स्वरूप ममता और वात्सल्य का प्रतीक है। इस दिन पीले रंग के कपड़े पहन सकते हैं।
मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः।
मां को केले का भोग लगाएं। जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई की सामग्री या दूध दान कर सकते हैं।
6. छठा दिन: मां कात्यायनी की पूजा
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। सिंह पर सवार मां साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक हैं। इस दिन हरा रंग शुभ माना जाता है।
मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः।
मां को लाल फूल अर्पित करें। जरूरतमंदों को वस्त्र, फल या बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री दान कर सकते हैं।
7. सातवां दिन: मां कालरात्रि की पूजा
सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना होती है। उनका स्वरूप बुराई और भय पर विजय का संदेश देता है। मां गर्दभ यानी गधे पर विराजमान हैं। इस दिन स्लेटी रंग पहन सकते हैं।
मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।
मां को गुड़ का भोग लगाएं और जरूरतमंदों को काले तिल, कंबल या राशन दान कर सकते हैं।
8. आठवां दिन: मां महागौरी की पूजा
अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां श्वेत वस्त्र धारण करती हैं और बैल पर विराजमान होती हैं। उनका स्वरूप पवित्रता और करुणा का प्रतीक है। इस दिन बैंगनी रंग शुभ माना जाता है।
मंत्र: ॐ देवी महागौर्यै नमः।
इस दिन श्रद्धा के अनुसार कन्या पूजन करें। कन्याओं को भोजन कराएं और फल, वस्त्र या पढ़ाई की सामग्री भेंट कर सकते हैं।
9. नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। मां कमल पर विराजमान हैं और उन्हें सिद्धि, ज्ञान व आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। इस दिन मोरपंखी हरा रंग शुभ माना जाता है।
मंत्र: ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः।
मां को फल अर्पित करें। दुर्गा चालीसा का पाठ करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्न, किताबें या स्टेशनरी जरूरतमंदों को दान करें।
