व्रत त्योहार

Aja Ekadashi 2026 Vrat Katha In Hindi: आज अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो सकता है हर संकट

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का विशेष महत्व है। पद्म पुराण के अनुसार, इस दिन व्रत और कथा के श्रवण से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

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भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को 'अजा एकादशी' के रूप में जाना जाता है। आज 7 सितंबर 2026 को ही अजा एकादशी मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिथि भगवान विष्णु के स्वरूप श्रीहरि की पूजा और व्रत के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है। भक्त इस दिन विधि-विधान से व्रत का संकल्प लेते हैं और भगवान हृषिकेश की आराधना करते हैं। पद्म पुराण में इस व्रत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिसके अनुसार इस दिन व्रत रखने और कथा का पाठ करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

अजा एकादशी व्रत की कथा

श्रीकृष्ण ने बताया अजा एकादशी का महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी के महत्व के बारे में जानने की जिज्ञासा प्रकट की। तब श्रीकृष्ण ने उन्हें 'अजा एकादशी' के बारे में बताते हुए कहा कि यह एकादशी सभी पापों का नाश करने वाली है। उन्होंने राजा हरिश्चंद्र की कथा का उल्लेख करते हुए इस व्रत के प्रभाव को समझाया।