Laddu Gopal Aarti: लड्डू गोपाल को भक्त सिर्फ भगवान के रूप में नहीं देखते, बल्कि उन्हें अपने परिवार के एक सदस्य की तरह मानते हैं। लड्डू गोपाल की सेवा भक्त बड़े प्यार और अपनापन के साथ करते हैं। सुबह उठकर उन्हें स्नान कराया जाता है, साफ-सुथरे और सुंदर कपड़े पहनाए जाते हैं। इसके बाद चंदन, फूल और आभूषणों से उनका श्रृंगार किया जाता है। माखन-मिश्री, फल या दूसरे पसंदीदा भोग अर्पित करने के बाद उनकी आरती की जाती है।
बाल गोपाल भगवान श्रीकृष्ण का वही प्यारा बाल रूप हैं, जिसे देखकर भक्तों के मन में ममता और प्रेम का भाव जागता है। उनकी आरती करते समय मंदिर का माहौल भी भक्तिमय हो जाता है। घंटी की आवाज, दीपक की रोशनी और आरती के बोल मन को सुकून देते हैं। जन्माष्टमी के दिन तो लड्डू गोपाल की पूजा और आरती का उत्साह देखते ही बनता है। अगर आपके घर में भी कान्हा विराजमान हैं, तो पूजा के बाद श्रद्धा से उनकी आरती जरूर करें। यहां आप बाल गोपाल की आरती के पूरे लिरिक्स हिंदी में पढ़ सकते हैं और भक्ति भाव से कान्हा का गुणगान कर सकते हैं।
श्री लड्डू गोपाल जी की आरती हिंदी में (Laddu Gopal Aarti)
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
श्री यशोदा का परम दुलारा।
बाबा की अखियन का तारा।।
गोपियन के प्राणों का प्यारा।
इन पर प्राण न्योछावर कीजे।।
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
बलदाऊ के छोटो भैया।
कान्हा कहि-कहि बोलत मैया।।
परम मुदित मन लेत बलैया।
यह छवि नैनन में भर लीजे।।
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
श्री राधावर सुघर कन्हैया।
ब्रज जन का नवनीत खवैया।।
देखत ही मन नयन चुरैया।
अपना सर्वस्व इनको दीजे।।
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
तोतरे बोल मधुर सुहावे।
सखन संग खेलत सुख पावे।।
सोई सुकृति जो इनको ध्यावे।
अब इनको अपनो कर लीजे।।
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
