व्रत त्योहार

कैसे रखें जन्माष्टमी का व्रत, जानिए क्या है खानपान के नियम

जन्माष्टमी का व्रत 4 सितंबर को रखा जाएगा। इस पावन अवसर पर लड्डू गोपाल की पूजा और व्रत के नियमों के बारे में विस्तार से जानें, ताकि आप पूरी श्रद्धा के साथ व्रत संपन्न कर सकें।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व इस वर्ष 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा और व्रत करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। माना जाता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ यह व्रत रखते हैं, उन पर भगवान कृष्ण की विशेष कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यदि आप पहली बार जन्माष्टमी का व्रत रखने जा रहे हैं या हर साल इस परंपरा का पालन करते हैं, तो इसके नियमों को समझना आवश्यक है।

जन्माष्टमी के व्रत की शुरुआत सप्तमी तिथि से ही हो जाती है। जिस प्रकार एकादशी के व्रत में दशमी तिथि से नियमों का पालन किया जाता है, उसी तरह जन्माष्टमी के लिए भाद्रपद कृष्ण सप्तमी से ही तामसिक भोजन का त्याग कर देना चाहिए। इस दौरान लहसुन, प्याज, मांसाहार और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित है। साथ ही, सप्तमी तिथि को बैंगन और मूली जैसी सब्जियों का सेवन करने से भी परहेज करना चाहिए। व्रती को इन दिनों सात्विक जीवन शैली अपनानी चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।