Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए खास होता है। सुबह सरगी खाने के बाद शुरू हुआ व्रत पूरे दिन चलता है और शाम को सभी को चांद निकलने का इंतजार रहता है। इस दौरान भूख-प्यास लगना आम बात है। कई बार शाम की पूजा हो जाने के बाद चाय पीने का मन करता है, तो कभी प्यास के कारण परेशानी होने लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पूजा के बाद चाय या पानी पी सकते हैं, या फिर चंद्रमा के दर्शन होने तक इंतजार करना जरूरी है?
करवा चौथ का व्रत कब खोलना चाहिए
आमतौर पर करवा चौथ का व्रत चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद खोला जाता है। महिलाएं चंद्रमा की पूजा करके पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। इसके बाद कई घरों में पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है। व्रत खोलते समय पहले थोड़ा पानी पिएं और फिर हल्का भोजन करें। पूरे दिन भूखे रहने के बाद एकदम से बहुत ज्यादा या भारी भोजन करना ठीक नहीं रहता।
अगर चांद देर से निकले तो क्या करें
कभी-कभी आसमान में बादल होने के कारण चांद दिखाई नहीं देता या उसके दर्शन में देर हो जाती है। ऐसी स्थिति में अपने शहर के चंद्रोदय का समय देख सकती हैं और परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा कर सकती हैं। अगर चांद का इंतजार करते हुए तबीयत बिगड़ने लगे, तो जबरदस्ती निर्जला व्रत जारी न रखें। श्रद्धा के साथ व्रत करना महत्वपूर्ण है, लेकिन अपनी सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है।
क्या शाम की पूजा के बाद पी सकते हैं चाय
करवा चौथ पर शाम की पूजा करने के बाद भी आमतौर पर व्रत नहीं खोला जाता। परंपरा के मुताबिक, चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा करने के बाद ही व्रत खोलने की मान्यता है। इसलिए अगर आपने शाम की पूजा कर ली है, लेकिन चांद अभी नहीं निकला है, तो पारंपरिक निर्जला व्रत के नियमों के अनुसार चाय पीने के लिए चंद्र दर्शन तक इंतजार किया जाता है। हालांकि, अलग-अलग परिवारों में व्रत से जुड़े नियमों में थोड़ा अंतर हो सकता है। ऐसे में अपने घर की परंपरा का ध्यान रखें।
करवा चौथ में चांद निकलने से पहले पानी पीना चाहिए या नहीं
करवा चौथ का निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं सरगी के बाद से चांद निकलने तक पानी भी नहीं पीती हैं। यही इस व्रत की एक प्रमुख परंपरा है। मान्यता के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पानी पीकर व्रत खोला जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि तबीयत खराब होने पर भी पानी पीने से बचना चाहिए। अगर आपको तेज प्यास लगने के साथ चक्कर, बहुत ज्यादा कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो अपनी सेहत को प्राथमिकता दें। जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़कर पानी पिएं और चिकित्सकीय मदद लें।
ध्यान दें: करवा चौथ से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती हैं। व्रत के नियमों का पालन करते समय अपनी शारीरिक स्थिति को नजरअंदाज न करें।
