वैदिक ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा की चाल को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। चंद्रमा हर सवा दो से ढाई दिन में अपनी राशि बदलते हैं, जिसका सीधा असर हमारे दैनिक जीवन और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। वर्तमान में चंद्रमा शुक्र की राशि वृषभ में स्थित हैं, लेकिन आज रात 10:06 बजे वे अपनी स्थिति बदलकर बुध की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चंद्रमा मिथुन राशि में लगभग 49 घंटे से अधिक समय तक रहेंगे। यह स्थिति 1 नवंबर की रात तक बनी रहेगी। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, चंद्रमा के इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग होगा, लेकिन तीन विशेष राशियों के जातकों को इस दौरान कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके लिए उन्हें पहले से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव और क्या हैं उपाय
कर्क राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर बारहवें भाव में होगा। इस दौरान उन्हें अपने अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है। आर्थिक मामलों में कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न लें और कार्यक्षेत्र में एकाग्रता बनाए रखने का प्रयास करें। मकर राशि के जातकों के लिए चंद्रमा छठे भाव में रहेंगे, जिससे नौकरी में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। सहकर्मियों के साथ विवाद से बचें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।वृश्चिक राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान सबसे अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि चंद्रमा उनके आठवें भाव में रहेंगे। इस दौरान बनते हुए कार्यों में देरी हो सकती है, इसलिए कोई भी बड़ा निर्णय फिलहाल टाल देना उचित रहेगा। पैसों के लेन-देन में सतर्कता बरतें और वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं। मन की शांति के लिए भगवान शिव की आराधना करना और शिवलिंग पर जल अर्पित करना लाभकारी माना गया है। मानसिक चंचलता को दूर करने के लिए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। इसके अलावा, जरूरतमंदों को सफेद वस्तुएं जैसे दूध, दही, चावल या वस्त्रों का दान करना भी शुभ माना जाता है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने में जल्दबाजी न करें और अपनी माता के साथ संबंधों को मधुर बनाए रखें।
