व्रत त्योहार

Karwa Chauth Song: करवाचौथ की पूजा में गाया जाता है यह पारंपरिक गीत, जानें इसके बोल और महत्व

Karwa Chauth Song: करवाचौथ पर पूजा और चांद के दीदार के साथ पारंपरिक गीतों का भी खास महत्व है। 'वीरा कुड़िये करवड़ा' ऐसा ही लोकगीत है, जिसे महिलाएं मिलकर गाती हैं।

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Karwa Chauth Song Veera Kudiye Karwada

Karwa Chauth Song: करवाचौथ से जुड़ी कई ऐसी परंपराएं भी हैं, जो परिवारों को एक साथ लाती हैं। इन्हीं में से एक है पूजा के दौरान महिलाओं का पारंपरिक लोकगीत गाना है। पंजाब और उत्तर भारत के कई परिवारों में करवाचौथ की पूजा के समय महिलाएं एक जगह बैठती हैं। वे करवे आपस में बदलती हैं, पूजा की थाली आगे बढ़ाती हैं और गीत गाते हुए इस रस्म को पूरा करती हैं। 'वीरा कुड़िये करवड़ा, सर्व सुहागन करवड़ा' भी ऐसा ही एक पारंपरिक गीत है, जिसे करवाचौथ के मौके पर गाया जाता है।

करवाचौथ पर क्यों गाया जाता है 'वीरा कुड़िये करवड़ा' गीत?

इस लोकगीत का जुड़ाव करवाचौथ की सामूहिक पूजा और महिलाओं की आस्था से है। जब महिलाएं एक-दूसरे के साथ बैठकर करवे बदलती हैं, तो गीत गाने की परंपरा पूजा के माहौल को और खास बना देती है। इस दौरान वे अपने परिवार की खुशहाली और वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इस गीत की खास बात यह है कि इसे किसी मंच पर गाने के बजाय रोजमर्रा की पारिवारिक परंपरा के हिस्से के रूप में गाया जाता है। घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाएं इसे गाती हैं और नई पीढ़ी भी सुनते-सुनते इसके बोल सीख जाती है। इस तरह लोकगीत के साथ त्योहार से जुड़ी यादें और रीति-रिवाज भी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते रहते हैं।