व्रत त्योहार

करवा चौथ 2024: व्रत के दौरान क्यों सुनी जाती है गणेश जी और बुढ़िया माई की कथा?

करवा चौथ के पावन पर्व पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन गणेश जी और नेत्रहीन बुढ़िया की कथा सुनने का विशेष महत्व है। जानिए इस कथा का सार और इसका धार्मिक महत्व।

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करवा चौथ 2024: व्रत के दौरान क्यों सुनी जाती है गणेश जी और बुढ़िया माई की कथा?

करवा चौथ का व्रत भारतीय संस्कृति में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत की पूर्णता के लिए पूजा के दौरान विशेष कथाओं का श्रवण करना आवश्यक माना गया है। इनमें से गणेश जी और नेत्रहीन बुढ़िया की कथा अत्यंत प्रचलित है, जिसे श्रद्धापूर्वक सुना जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय की बात है कि एक नेत्रहीन बुढ़िया थी, जो अत्यंत निर्धन थी। वह प्रतिदिन पूरी श्रद्धा के साथ भगवान गणेश की पूजा-अर्चना किया करती थी। बुढ़िया की भक्ति से प्रसन्न होकर गणेश जी साक्षात उसके सामने प्रकट हुए और उसे अपनी इच्छा अनुसार कोई भी वरदान मांगने को कहा। हालांकि, बुढ़िया को यह समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या मांगे।