पितृ पक्ष का समय अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और आभार व्यक्त करने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। हिंदू धर्म में इस दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्मों का विशेष महत्व है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यदि व्यक्ति अपनी राशि और उसके स्वामी ग्रह के स्वभाव के अनुरूप दान करता है, तो इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक राशि का एक स्वामी ग्रह निर्धारित है। पितृ पक्ष के दौरान अपनी राशि से संबंधित वस्तुओं का दान करना न केवल पितरों को तृप्त करता है, बल्कि व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोषों को शांत करने में भी सहायक माना जाता है। आइए जानते हैं कि किस राशि के जातकों को किन वस्तुओं का दान करना शुभ फलदायी हो सकता है।
राशि के अनुसार दान की परंपरा
मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। मेष राशि के जातकों को गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे के बर्तनों का दान करना चाहिए, जबकि वृश्चिक राशि के लोगों को मसूर की दाल, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे की वस्तुओं का दान करने की सलाह दी जाती है। वृष और तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। वृष राशि के जातक चावल, दूध, घी, सफेद वस्त्र और चांदी का दान करें। वहीं, तुला राशि के लिए चावल, घी, शक्कर, सफेद वस्त्र और अन्न का दान करना उचित माना गया है।मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व बुध ग्रह के पास है। मिथुन राशि के जातक हरी मूंग, हरे फल, सब्जियां और हरे वस्त्रों का दान करें। कन्या राशि के लोग हरी मूंग, हरी सब्जियां, अन्न, वस्त्र और अध्ययन सामग्री का दान कर सकते हैं। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, इसलिए इस राशि के जातकों को चावल, दूध, सफेद वस्त्र और चांदी का दान करना चाहिए। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जिन्हें गेहूं, गुड़, तांबे के पात्र और लाल या नारंगी वस्त्रों का दान करना शुभ माना जाता है।
धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति (गुरु) हैं। धनु राशि के जातक चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, गुड़, अन्न और धार्मिक पुस्तकों का दान करें। मीन राशि के लोगों के लिए धार्मिक पुस्तकें, चने की दाल, पीले वस्त्र, गुड़, घी और अन्न का दान करना लाभकारी माना गया है। मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनि देव हैं। मकर राशि के जातक काला तिल, उड़द की दाल, तिल का तेल, काला कपड़ा और अन्न का दान करें। कुंभ राशि के जातक भी काला तिल, उड़द, काला वस्त्र और अन्न का दान कर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
