Ashtami & Navami Vrat Rules: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 9 दिनों तक चलता है, जिस दौरान व्रत रखने के साथ-साथ मां दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रि का प्रत्येक दिन मां दुर्गा के किसी न किसी स्वरूप को समर्पित है। वैसे तो शारदीय नवरात्रि की सभी तिथियां महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन अष्टमी और नवमी तिथि को अति खास माना जाता है। इन तिथियों पर मां दुर्गा की पूजा करने के साथ-साथ कन्या पूजन और हवन किया जाता है, जिसके बाद ही व्रत का पारण होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन तिथियों में पूजा-पाठ करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर-परिवार में सुख, समृद्धि, शांति, यश तथा वैभव का वास होता है। इसके अलावा साहस, शक्ति, बल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। चलिए अब जानें नवरात्रि के अष्टमी और नवमी व्रत से जुड़े जरूरी नियमों के बारे में।
अष्टमी-नवमी व्रत के जरूरी नियम
खान-पान से जुड़े नियम-
- अष्टमी और नवमी के व्रत में फल, दूध, पनीर, दही, मखाने, मेवे, मूंगफली, सिंघाड़े, राजगीरा से बनी चीजें, सामक के चावल, कुट्टू के आटे की पूरी और साबूदाने का सेवन किया जा सकता है।
- व्रत के खाने में केवल सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करें।
- इस दिन लहसुन, प्याज, अनाज, दालें और सामान्य नमक का सेवन गलती से भी न करें।
- मांस-मदिरा और हर तरह के तामसिक भोजन से दूरी बनाएं।
पूजा-पाठ से जुड़े नियम-
- स्नान करने के बाद शुद्ध कपड़े पहनकर ही पूजा करें।
- व्रत रखने से पहले उसका संकल्प जरूर लें।
- माता रानी को ताजा पूजा सामग्री ही अर्पित करें।
- अष्टमी और नवमी पर हवन करना अनिवार्य होता है।
- बाल और नाखून न काटें।
- कन्या पूजन के दौरान कन्याओं और लंगूर का सम्मान करें।
- कन्याओं और लंगूर को गिफ्ट देकर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें।
- जब तक कन्या पूजन और हवन संपन्न न हो जाए, तब तक कुछ भी न खाएं।
- शुभ मुहूर्त में ही व्रत का पारण करें।
- माता रानी को भोग लगाए गए प्रसाद को खाकर ही व्रत खोलें।
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क्या 2026 में अष्टमी और नवमी एक ही दिन हैं?
उदया तिथि के अनुसार, साल 2026 में 19 अक्टूबर को ही शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी की पूजा की जाएगी। जो लोग अष्टमी का व्रत रखते हैं, वो कल 19 अक्टूबर को सुबह 06:24 बजे से सुबह 10:51 बजे के बीच कन्या पूजन कर सकते हैं। नवमी तिथि का कन्या पूजन 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे से 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बीच किया जा सकता है।
