Shardiya Navratri Day 8 2026 Today (maa mahagauri vrat katha in hindi, मां महागौरी की कहानी क्या है): मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा शारदीय नवरात्रि में विशेष रूप से की जाती है। साथ ही व्रत रखने का विधान है। द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को शारदीय नवरात्रि का 8वां दिन है, जो कि मां दुर्गा के 8वें स्वरूप मां महागौरी को समर्पित है। देवी महागौरी को 4 भुजाओं के साथ वाहन बैल पर दर्शाया गया है। मां के एक दाहिने हाथ में त्रिशूल है, जबकि दूसरा दाहिना हाथ अभय मुद्रा में है। बाएं हाथों की बात करें तो एक हाथ में डमरू है, जबकि दूसरा हाथ वर मुद्रा में है। यदि आप भी आज नवरात्रि के 8वें दिन पूजा करने वाले हैं तो यहां से मां महागौरी की व्रत कथा पढ़ सकते हैं।
मां महागौरी व्रत कथा हिंदी में
मां पार्वती ने कई वर्षों तक की थी तपस्या
पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। तपस्या करने के बाद भी जब शिव जी माता पार्वती से प्रसन्न नहीं हुए तो उन्होंने अन्न और जल का त्याग कर दिया। अन्न और जल का त्याग करके कठोर तपस्या करने के कारण मां का शरीर क्षीण यानी दुबला होने लगा था और धीरे-धीरे उनका गौर वर्ण काला हो गया था।
शिव जी ने दिया माता पार्वती को वचन
बिना अन्न और जल के कई वर्षों तक कठोर तपस्या करने के बाद माता पार्वती को एक दिन भगवान शिव ने दर्शन दिए। माता पार्वती ने भगवान शिव के सामने अपनी इच्छा व्यक्त की। शिव जी माता पार्वती की तपस्या से काफी प्रसन्न थे, इसलिए उन्होंने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वचन दे दिया।
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मां पार्वती के शरीर से निकला भव्य तेज
वचन देने के बाद शिव जी ने अपनी जटाओं में स्थित गंगा के पवित्र जल से माता पार्वती को स्नान करवाया। गंगा जल के प्रभाव से माता पार्वती का शरीर पुनः कांतिमान (तेज से भरा हुआ) हो गया। कहा जाता है कि गंगा स्नान करने के पश्चात माता पार्वती के शरीर से दिव्य तेज प्रकट हुआ था, जिसकी रोशनी चारों दिशाओं में फैल गई। माता पार्वती के इसी दिव्य स्वरूप का शास्त्रों में 'मां महागौरी' के नाम से उल्लेख मिलता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग नवरात्रि के 8वें दिन माता पार्वती के मां महागौरी स्वरूप की पूजा करते हैं और व्रत कथा पढ़ते हैं, उन्हें दिव्य ऊर्जा, आत्मज्ञान और सकारात्मकता की प्राप्ति होती है। साथ ही उनका जीवन खुशियों से भरा रहता है।
