हस्तरेखा शास्त्र

Palmistry: हथेली पर गुरु, शनि, सूर्य और बुध पर्वत की बनावट खोलती है व्यक्तित्व के कई राज, जानें कौन-सा पर्वत क्या देता है संकेत

Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के गुरु, शनि, सूर्य और बुध पर्वत को व्यक्तित्व से जुड़े खास संकेतों का प्रतीक माना जाता है। इनकी बनावट, उभार और स्थिति से व्यक्ति के कई तरह के गुणों की पहचान की जा सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में...

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हथेली के पर्वत से जानें व्यक्तित्व के राज!

Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं के साथ-साथ अलग-अलग पर्वतों को भी व्यक्तित्व और जीवन से जुड़े संकेतों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। हथेली में उंगलियों के नीचे बने ये उभार अलग-अलग ग्रहों से जुड़े माने जाते हैं। इनमें गुरु, शनि, सूर्य और बुध पर्वत विशेष महत्व रखते हैं। मान्यता है कि इन पर्वतों की ऊंचाई, चौड़ाई, कठोरता और बनावट व्यक्ति के स्वभाव, सोच और उसकी संभावित रुचियों के बारे में संकेत दे सकती है। आइए विस्तार से समझते हैं इसके (Palmistry Signs) बारे में...

हथेली के चार पर्वत कौन से हैं?

हथेली में तर्जनी उंगली के ठीक नीचे का हिस्सा गुरु पर्वत कहलाता है। मध्यमा उंगली के नीचे शनि पर्वत, अनामिका के नीचे सूर्य पर्वत और सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्ठा के नीचे का भाग बुध पर्वत माना जाता है। इन चारों पर्वतों की बनावट को हस्तरेखा शास्त्र में अलग-अलग गुणों से जोड़कर देखा जाता है।