12 अक्टूबर 2026, सोमवार का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है, जो माता दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप को समर्पित है। पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो रात्रि 10:13 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा। आज के दिन स्वाती नक्षत्र का प्रभाव पूरे दिन और रात बना रहेगा।
आज की पूजा विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन साधक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन देवी को शक्कर या पंचामृत का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही, 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः' मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना गया है। चूंकि आज सोमवार का दिन भी है, इसलिए श्रद्धालु भगवान शिव की भी विधिवत पूजा कर सकते हैं।
आज के शुभ मुहूर्त
किसी भी मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ के लिए पंचांग में शुभ समय का विशेष महत्व होता है। आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:44 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, अमृत काल दोपहर 02:35 बजे से सायं 04:16 बजे तक बना रहेगा। चौघड़िया के अनुसार, सुबह 06:20 से 07:47 तक अमृत का सर्वोत्तम समय है, जबकि सुबह 09:14 से 10:40 तक का समय शुभ माना गया है।आज के अशुभ मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिन के कुछ समय ऐसे होते हैं जिन्हें शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। आज राहुकाल सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, गुलिक काल दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक और यमगंड सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। इन समय अंतरालों में महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
आज का दिशा शूल
आज सोमवार को दिशा शूल पूर्व में है, जबकि चंद्रमा पश्चिम दिशा में रहेंगे। राहु का वास आज दिनभर उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा।
आज का निवास और शूल
अग्निवास आज रात 10 बजकर 13 मिनट तक आकाश में है, जिसके बाद पाताल में वास होगा। शिववास की बात करें तो वो रात 10 बजकर 13 मिनट तक गौरी के साथ है। इसके बाद वो सभा में रहेंगे। इसके अलावा कुम्भ चक्र पूर्व दिशा में रहेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्य देव कन्या राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा दिन-रात तुला राशि में संचार करेंगे।सूर्योदय से लेकर चंद्रास्त तक का समय
सूर्योदय का समय प्रातः 06:20 बजे और सूर्यास्त का समय सायं 05:55 बजे निर्धारित है। चंद्रोदय सुबह 07:51 बजे होगा और चंद्रास्त सायं 06:36 बजे होगा।
योग
आज विष्कुम्भ योग रात्रि 08:32 बजे तक रहेगा, जिसके उपरांत प्रीति योग का आरंभ होगा।
करण
करण की बात करें तो बालव करण प्रातः 09:48 बजे तक रहेगा, जिसके बाद कौलव करण शुरू हो जाएगा।
