18 अक्टूबर 2026, रविवार का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उदया तिथि के चलते आज शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि है। पंचांग के अनुसार, आज आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ प्रातः 08:27 बजे के बाद हो रहा है, जिससे पहले सप्तमी तिथि रहेगी। ऐसे में आज भी मां दुर्गा के सातवें स्वरूप देवी कालरात्रि की पूजा की जाएगी। चलिए अब जानें 18 अक्टूबर 2026 के दिन की ज्योतिषीय गणना के बारे में।
आज के शुभ मुहूर्त
किसी भी मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ को शुरू करने के लिए शुभ समय का विशेष ध्यान रखा जाता है। पंचांग के अनुसार, आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अमृत काल का समय प्रातः 07:24 बजे से 09:12 बजे तक है। चौघड़िया के अनुसार, सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक का समय अमृत काल के रूप में शुभ माना गया है।आज के अशुभ मुहूर्त
दिन के कुछ समय ऐसे भी हैं जिन्हें धार्मिक कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। आज राहुकाल शाम 04:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, गुलिक काल दोपहर 03:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक और यमगंड दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा। इन समय अवधि में किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।
चंद्रमा और सूर्य ग्रह की स्थिति
नक्षत्र
नक्षत्रों की बात करें तो पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ होगा।
योग
योग की दृष्टि से सुकर्म योग रात्रि 11:56 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके उपरांत धृति योग शुरू होगा।
सूर्योदय से लेकर चंद्रास्त तक का समय
आज सूर्योदय प्रातः 06:23 बजे और सूर्यास्त सायं 05:49 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 01:10 बजे और चंद्रास्त रात्रि 11:27 बजे निर्धारित है।
आज का निवास और शूल
- आज होमाहुति शुक्र में रहेगी।
- अग्निवास सुबह 8 बजकर 27 मिनट तक आकाश में रहेगा, जिसके बाद पाताल में वास होगा।
- भद्रावास सुबह 8 बजकर 27 मिनट से रात 9 बजकर 42 मिनट तक पाताल में रहेगा।
- शिववास सुबह 8 बजकर 27 मिनट तक भोजन में रहेगा, जिसके बाद श्मशान में रहेगा।
- कुम्भ चक्र दक्षिण दिशा में दिनभर रहेगा।
दिशा शूल
आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा, जबकि चंद्रमा शाम 7 बजकर 33 मिनट तक पूर्व दिशा में रहेंगे। इसके बाद चंद्रमा दक्षिण दिशा में प्रवेश करेंगे। राहु के वास की बात करें तो वो उत्तर दिशा में दिनभर रहेंगे।
