आज 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह तिथि सुबह 10:15 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। साथ ही आज सप्तमी श्राद्ध भी होगा। आज उन मृत लोगों का श्राद्ध किया जाएगा, जिनकी मृत्यु सप्तमी तिथि पर हुई हो। धार्मिक कार्यों के लिए समय का चयन करते समय पंचांग की गणनाओं का ध्यान रखना शुभ माना जाता है।
आज के शुभ-अशुभ योग
आज व्यतीपात योग शाम 06:18 बजे तक रहेगा, जिसके बाद वरीयान योग शुरू होगा।
चंद्रमा और सूर्य ग्रह की स्थिति
चंद्रमा की स्थिति पर नजर डालें तो दोपहर 03:40 बजे तक चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे और इसके बाद वे मिथुन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव वर्तमान में कन्या राशि में स्थित हैं।
आज के नक्षत्र
आज के दिन मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव अगले दिन तड़के 02:55 बजे तक बना रहेगा, जिसके उपरांत आर्द्रा नक्षत्र का प्रवेश होगा।
दिशा शूल, चंद्र वास और कुंभ चक्र
आज पश्चिम में दिशा शूल है, जबकि कुम्भ चक्र गर्भ में है। इसके अलावा राहु का वास दक्षिण-पूर्व दिशा में है। चंद्रमा के वास की बात करें तो वो दक्षिण दिशा में दोपहर 03:40 तक हैं। इसके बाद उनका वास पश्चिम दिशा में होगा। वहीं, शिव जी का वास भोजन में सुबह 10:15 बजे तक है, जिसके बाद वो श्मशान में वास करेंगे।
आज के शुभ मुहूर्त
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:46 बजे से लेकर 12:34 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अमृत काल का समय शाम 06:40 बजे से रात्रि 08:10 बजे तक निर्धारित है। चौघड़िया के अनुसार, सुबह 09:12 बजे से 10:41 बजे तक का समय अमृत काल के रूप में सर्वोत्तम माना गया है।आज के अशुभ मुहूर्त
पंचांग में कुछ समय ऐसे भी होते हैं जिन्हें शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। आज राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, गुलिक काल सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक और यमगंड दोपहर 03:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक रहेगा। इन समय अवधियों में नए या महत्वपूर्ण कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।
सप्तमी श्राद्ध की पूजा का मुहूर्त
- कुतुप मुहूर्त- सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 बजे तक
- रौहिण मुहूर्त- दोपहर 12:34 से दोपहर 01:21 बजे तक
- अपराह्न काल- दोपहर 01:21 से दोपहर 03:44 बजे तक
चन्द्र मास और संवत
- विक्रम संवत: 2083 सिद्धार्थी
- शक संवत: 1948 पराभव
- गुजराती संवत: 2082 पिङ्गल
- चन्द्र मास: आश्विन, पूर्णिमान्त
- प्रविष्टे/गते: 16
