वास्तु टिप्स

दीपावली पूजन में कैसे करें लक्ष्मी-गणेश की स्थापना? जानें मूर्तियों की सही दिशा और जरूरी वास्तु नियम

Diwali Pujan Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की स्थापना के लिए किस दिशा को शुभ माना गया है। जानें घर के मंदिर में मूर्तियों का सही स्थान, दिशा, मुद्रा और पूजा के दौरान जरूरी वास्तु नियम।

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Diwali Pujan Vastu Tips

Diwali Pujan Vastu Tips: हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है, जबकि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि का देवता कहा जाता है। यही वजह है कि घर के मंदिर से लेकर दिवाली की पूजा तक, लक्ष्मी-गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। हालांकि, पूजा में केवल मंत्रों और विधि-विधान का ही ध्यान नहीं रखा जाता, बल्कि वास्तु शास्त्र में मूर्तियों की स्थापना से जुड़े कुछ नियम भी बताए गए हैं। मान्यता है कि सही दिशा और उचित स्थान पर देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित करने से घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि घर के मंदिर में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों का मुख किस दिशा में होना चाहिए और स्थापना करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों का मुख किस दिशा में होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। पूर्व दिशा को सूर्य की ऊर्जा और नई शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है, जबकि उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिशाओं में मूर्तियों की स्थापना करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। हालांकि, स्थापना करते समय इस बात का ध्यान रखें कि मूर्तियों का मुख घर के अंदर की ओर हो।