Vastu Tips: लोग घर की दीवारों पर फैमिली फोटो लगाना बेहद पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि वास्तु शास्त्र में तस्वीर लगाने की दिशा और जगह को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। वास्तु के अनुसार घर में मौजूद चीजों की सही जगह वहां के माहौल और सकारात्मकता पर असर डालती हैं। खुशहाल और मुस्कुराते हुए परिवार की तस्वीरें घर में अपनापन और सकारात्मक माहौल बढ़ाने में मदद करती हैं। हालांकि, तस्वीर कहां लगानी चाहिए और किन तरह की तस्वीरों से बचना चाहिए, इसे लेकर कुछ वास्तु मान्यताएं हैं।
लिविंग रूम में फैमिली फोटो लगाना माना जाता है शुभ
परिवार की तस्वीर लगाने के लिए लिविंग रूम एक अच्छा विकल्प है। यह घर का वह हिस्सा होता है जहां परिवार के लोग ज्यादातर समय साथ बैठते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर परिवार की खुशहाल तस्वीर लगाई जा सकती है। ऐसी फोटो जिसमें परिवार के सभी सदस्य मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हों, घर के माहौल को खुशनुमा बनाने वाली मानी जाती है।
बेडरूम में फोटो लगाते समय रखें ध्यान
बेडरूम में कई लोग अपने परिवार या कपल की तस्वीर लगाते हैं। वास्तु की कुछ मान्यताओं में बेडरूम की दक्षिण-पश्चिम दिशा को रिश्तों और स्थिरता से जोड़ा जाता है। यहां ऐसी तस्वीर लगाई जा सकती है जिसमें पति-पत्नी या परिवार के लोग खुशी के पल साझा करते नजर आ रहे हों। हालांकि, बेडरूम को बहुत ज्यादा तस्वीरों से भरने के बजाय एक या दो अच्छी तस्वीरें लगाना बेहतर माना जाता है।
मुख्य दरवाजे के पास फैमिली फोटो लगाएं या नहीं
मुख्य दरवाजा घर में प्रवेश का रास्ता होता है, इसलिए यहां तस्वीरें लगाते समय थोड़ा ध्यान रखना चाहिए। परिवार की फोटो को बिल्कुल मुख्य दरवाजे के सामने लगाने के बजाय हॉलवे या एंट्री एरिया की किसी उपयुक्त दीवार पर लगाया जा सकता है। इससे घर में प्रवेश करते ही परिवार की खूबसूरत यादें नजर आती हैं। हालांकि, यहां बहुत ज्यादा फोटो फ्रेम लगाकर जगह को भर देने से बचना चाहिए।
कैसी तस्वीरें घर में नहीं लगानी चाहिए
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में तस्वीर के विषय को भी महत्व दिया जाता है। घर में ऐसी तस्वीरें लगाने से बचने की सलाह दी जाती है जिनमें दुख, अकेलापन, हिंसा, तनाव या उदासी दिखाई देती हो। इसकी जगह हंसते-मुस्कुराते और सुखद पलों की तस्वीरों को प्राथमिकता देना बेहतर है।
दिवंगत परिजनों की तस्वीर कहां रखें
दिवंगत परिवार के सदस्यों की तस्वीरों को लेकर भी वास्तु में अलग-अलग मान्यताएं मिलती हैं। आमतौर पर ऐसी तस्वीरों को घर के पूजा स्थान या किसी सम्मानजनक और शांत जगह पर रखने के बजाय अलग श्रद्धांजलि स्थल बनाकर रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि पूजा स्थल और पूर्वजों के स्मरण के स्थान को अलग रखने की परंपरा कई परिवारों में मानी जाती है।
