Kids Room Vastu: बच्चों के कमरे का माहौल ऐसा होना चाहिए, जहां उन्हें सुकून भी मिले और पढ़ाई में मन भी लगे। वास्तु शास्त्र में भी बच्चों के कमरे की दिशा, फर्नीचर की जगह, रंग और रोशनी को जरूरी बातें बताई गई हैं। मान्यता है कि कमरे की सही व्यवस्था से सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं कि बच्चों के कमरे को वास्तु के हिसाब (Child Bedroom Vastu Tips) से कैसे व्यवस्थित किया जा सकता है।
बच्चों के कमरे में बेड कहां रखें?
वास्तु की मान्यताओं के अनुसार बच्चों के कमरे में बेड रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को अच्छा माना जाता है। कोशिश करें कि बच्चे सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की तरफ रखें। इससे कमरे में सोने का माहौल बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। वास्तु में बेड के ठीक सामने शीशा लगाने से भी बचने की सलाह दी जाती है।
पढ़ाई की टेबल अलमारी और भारी सामान कहां रखें?
वास्तु के अनुसार पढ़ाई की टेबल को पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। पढ़ते समय बच्चे का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो, इसका भी ध्यान रखा जा सकता है। इसके अलावा कमरे में अलमारी, किताबों की बड़ी रैक या दूसरे भारी फर्नीचर को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना वास्तु के हिसाब से बेहतर माना जाता है।
बच्चों के कमरे के लिए कौन सा रंग चुनें?
बच्चों के कमरे में बहुत ज्यादा चटक रंगों के बजाय हल्के और सुकून देने वाले रंगों को प्राथमिकता दी जा सकती है। हरा रंग ताजगी और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है। नीला रंग शांति का एहसास देता है। पीला रंग कमरे को रोशन और खुशनुमा बना सकता है। वहीं हल्का बैंगनी रंग भी कमरे को शांत लुक दे सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि रंग बहुत ज्यादा गहरे या आंखों को चुभने वाले न हों।
