भारतीय घरों में गाय की मूर्ति केवल सजावट का सामान नहीं मानी जाती। गाय को सुख, समृद्धि और मातृत्व का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि गौ माता में देवी-देवताओं का वास होता है। यही कारण है कि कई लोग घर के मंदिर, लिविंग रूम या प्रवेश द्वार के पास गाय की मूर्ति रखते हैं।
लेकिन गाय की मूर्ति रखते समय जगह और दिशा का ध्यान रखना भी जरूरी माना गया है। सही स्थान पर रखी मूर्ति घर में शांति और सकारात्मकता का भाव बढ़ा सकती है।
घर के मंदिर में गाय की मूर्ति रखना शुभ
गाय या गाय-बछड़े की छोटी मूर्ति घर के पूजा स्थान में रखी जा सकती है। खासकर श्रीकृष्ण के साथ गाय की प्रतिमा बहुत शुभ मानी जाती है। यह भक्ति, प्रेम और संरक्षण का प्रतीक है।
मूर्ति को भगवान की मुख्य प्रतिमा से बहुत ऊंचा न रखें। इसे साफ चौकी या मंदिर के किसी सुविधाजनक हिस्से में सम्मानपूर्वक रखा जा सकता है।
लिविंग रूम में गाय की मूर्ति कहां रखें
घर का लिविंग रूम वह जगह है जहां परिवार के सदस्य सबसे अधिक समय साथ बिताते हैं। यहां गाय और बछड़े की मूर्ति रखने से परिवार में प्रेम और अपनापन बढ़ने की मान्यता है।
लिविंग रूम में इसे उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखा जा सकता है। मूर्ति ऐसी जगह होनी चाहिए जहां आते-जाते लोगों के पैर उससे न टकराएं। इसे किसी साफ टेबल, शेल्फ या ऊंचे स्टैंड पर रखें।
उत्तर-पूर्व दिशा क्यों मानी जाती है शुभ
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। इस दिशा को पूजा, ध्यान और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। इसलिए गाय की मूर्ति रखने के लिए यह दिशा सबसे शुभ जगहों में गिनी जाती है।
यदि उत्तर-पूर्व में जगह नहीं है तो पूर्व या उत्तर दिशा भी चुनी जा सकती है। हालांकि घर की बनावट के अनुसार स्थान अलग हो सकता है।
कामधेनु गाय की मूर्ति कहां रखें
कामधेनु गाय को मनोकामना पूरी करने वाली दिव्य गाय माना गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार कामधेनु और उसके बछड़े की मूर्ति घर की उत्तर-पूर्व दिशा या पूजा घर में रखी जा सकती है।
ध्यान रखें कि मूर्ति टूटी हुई, धूल से भरी या किसी बंद डिब्बे में न पड़ी हो। यदि आप उसे श्रद्धा से रखते हैं तो नियमित रूप से उसकी सफाई भी करें।
श्रीकृष्ण के साथ गाय की मूर्ति रखने का सही स्थान
भगवान श्रीकृष्ण और गाय की मूर्ति घर के मंदिर में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। इसे लिविंग रूम की पूर्व दिशा में भी रखा जा सकता है। यह स्वरूप प्रेम, सरलता और प्रकृति के साथ जुड़ाव का संदेश देता है।
बच्चों के कमरे में श्रीकृष्ण और बछड़े की सौम्य तस्वीर लगाई जा सकती है, लेकिन इसे पढ़ाई की मेज पर भीड़ के बीच रखने से बचें।
गाय की मूर्ति इन जगहों पर न रखें
गाय की मूर्ति को सम्मान और स्वच्छता वाली जगह पर रखना चाहिए। कुछ स्थान इसके लिए उचित नहीं माने जाते।
- बाथरूम या उसके ठीक बाहर गाय की मूर्ति न रखें।
- मूर्ति को सीधे जमीन पर रखने से बचें।
- जूते-चप्पल रखने वाली जगह के पास प्रतिमा न रखें।
- रसोई के सिंक या कूड़ेदान के पास इसे न सजाएं।
- टूटी, रंग उखड़ी या खंडित मूर्ति घर में न रखें।
- मूर्ति को अंधेरे और गंदे कोने में रखने से बचें।
- गाय का मुख दीवार की ओर करके न रखें।
कैसी गाय की मूर्ति घर के लिए अच्छी मानी जाती है
गाय और बछड़े की साथ वाली मूर्ति पारिवारिक सुख और वात्सल्य का प्रतीक मानी जाती है। वहीं श्रीकृष्ण के साथ गाय की प्रतिमा भक्ति और आनंद से जुड़ी है। आप पीतल, चांदी, लकड़ी या साफ-सुथरी मिट्टी से बनी मूर्ति चुन सकते हैं।
महंगी मूर्ति खरीदना जरूरी नहीं है। सबसे अहम बात है उसका भाव, साफ-सफाई और सम्मान। घर में गाय की मूर्ति ऐसी जगह रखें जहां उसे देखकर मन में शांति, करुणा और अपनापन महसूस हो। यही इस प्रतीक का वास्तविक संदेश भी है।
