Vastu home entrance: घर में छोटी-छोटी बातों पर तनाव? काम में बार-बार रुकावट या माहौल में भारीपन महसूस होता है? ऐसे हालात में कुछ लोग वास्तु शास्त्र की ओर भी ध्यान देते हैं। भारतीय परंपरा में वास्तु को लंबे समय से घर की योजना से जोड़ा जाता रहा है। वास्तु के अनुसार घर की दिशा, कमरों की स्थिति और मुख्य दरवाजे की जगह घर के माहौल पर असर डाल सकती है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि आपके घर की दिशा वास्तु के मुताबिक ठीक है या नहीं, तो कुछ पारंपरिक मान्यताओं को समझना आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
पूर्व दिशा में घर को माना जाता है शुभ
पूर्व दिशा को लेकर वास्तु में सकारात्मक धारणा देखने को मिलती है। वास्तु में पूर्व दिशा को खास महत्व दिया गया है। इसका संबंध उगते सूरज और सुबह की रोशनी से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि अगर घर की बनावट ऐसी हो कि सुबह की रोशनी आसानी से अंदर आ सके, तो घर का माहौल ज्यादा खुला और सकारात्मक महसूस हो सकता है।
उत्तर दिशा से जुड़ी मान्यता
वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। खासकर घर के मुख्य हिस्सों और प्रवेश व्यवस्था को लेकर इस दिशा का महत्व बताया जाता है।
क्या दक्षिण या पश्चिम दिशा में घर अशुभ होता है?
घर का मुख्य प्रवेश द्वार कहां है, कमरों की स्थिति कैसी है और घर का इस्तेमाल किस तरह हो रहा है, इन बातों को भी वास्तु में महत्व दिया जाता है। यह एक आम धारणा है कि दक्षिण या पश्चिम दिशा में बना घर अशुभ होता है। लेकिन वास्तु की मान्यताओं को देखें तो ऐसा सीधा नियम नहीं है। इन दिशाओं में बने घरों के लिए भी अलग-अलग वास्तु नियम और संतुलन के तरीके बताए गए हैं।
मुख्य दरवाजे को माना जाता है सबसे अहम
वास्तु की मान्यता में घर का मुख्य दरवाजा घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख रास्ता माना जाता है। पूर्व और उत्तर दिशा में मुख्य दरवाजे को सामान्य तौर पर शुभ माना जाता है। वहीं दक्षिण और पश्चिम दिशा में दरवाजा होने पर उसकी सही स्थिति और घर की पूरी संरचना पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
कैसे पता लगाएं कि घर की दिशा
वास्तु के हिसाब से अपने घर का पूरा आकलन करना चाहते हैं, तो केवल मुख्य दरवाजे की दिशा देखने के बजाय घर की पूरी बनावट और कमरों की स्थिति को देखना ज्यादा उचित माना जाता है। आप साधारण कम्पास की मदद से ऐसा कर सकते हैं। घर के बाहर या खुले स्थान पर खड़े होकर दिशा का पता लगाया जा सकता है। मोबाइल फोन में मौजूद कम्पास सुविधा भी शुरुआती जानकारी देने में मदद कर सकती है।
