घर का मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र होता है, बल्कि यह घर की सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत भी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि मंदिर निर्माण या मूर्तियों की स्थापना में छोटी-सी भी चूक हो जाए, तो इसका असर घर की शांति और खुशहाली पर पड़ सकता है। अक्सर लोग अनजाने में मंदिर में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो वास्तु दोष का कारण बनती हैं।
घर के मंदिर में कभी भी भगवान की मूर्तियों को एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं रखना चाहिए। इसे वास्तु की दृष्टि से अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में अनावश्यक तनाव, गृह क्लेश और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मूर्तियों के आमने-सामने होने के नुकसान और वास्तु नियम
शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर प्रतिमा से एक विशेष प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। जब दो मूर्तियों को आमने-सामने रखा जाता है, तो उनकी ऊर्जाओं का आपस में टकराव हो सकता है, जिससे मंदिर की शांति भंग होती है। इसके अलावा, जब हम पूजा करते हैं, तो हमारा ध्यान एकाग्र होना चाहिए, लेकिन मूर्तियों के आमने-सामने होने से दृष्टि एक स्थान पर स्थिर नहीं रह पाती, जिससे पूजा की एकाग्रता प्रभावित होती है।वास्तु के अनुसार, मंदिर के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा सबसे उत्तम मानी गई है। मूर्तियों को इस प्रकार स्थापित करना चाहिए कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर हो। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि देवताओं का मुख कभी भी दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए।
घर के मंदिर में मूर्तियों के चयन और रखरखाव को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। गृहस्थ जीवन के लिए मूर्तियों का आकार अंगूठे के बराबर या अधिकतम 6 से 7 इंच तक ही होना चाहिए। हमेशा देवी-देवताओं के सौम्य और आशीर्वाद देने वाले स्वरूप की ही पूजा करनी चाहिए; घर में कभी भी उग्र या युद्ध की मुद्रा वाली प्रतिमाएं नहीं रखनी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, एक ही देवता की दो बड़ी मूर्तियां या दो शिवलिंग घर के मंदिर में रखने से बचना चाहिए। यदि कोई मूर्ति खंडित हो गई हो या मंदिर में सूखे फूल जमा हो गए हों, तो उन्हें तुरंत हटाकर विसर्जित कर देना चाहिए। मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए इसे कभी भी सीढ़ियों के नीचे, बेसमेंट में या बाथरूम से सटी दीवार के पास नहीं बनाना चाहिए। नियमित साफ-सफाई और सही दिशा का पालन करना घर में सकारात्मकता बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
