वास्तु टिप्स

Vastu Tips: घर में ‘Breathing Space’ क्यों जरूरी? जानें खाली जगह का वास्तु कनेक्शन

Vastu Tips: घर में हर कोने को सामान से भर देना वास्तु के लिहाज से सही नहीं है। खुली जगह, प्राकृतिक रोशनी, हवा के आवागमन और सहज आवाजाही के लिए पर्याप्त स्थान घर के माहौल को संतुलित बना सकता है। जानें वास्तु में ‘Breathing Space’ का महत्व...

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घर में खाली जगह का महत्व

Vastu Tips: घर सिर्फ दीवारों, दरवाजों और फर्नीचर से मिलकर नहीं बनता। किसी घर में प्रवेश करते ही अगर खुलापन, रोशनी और हवा का अहसास हो तो मन अपने आप हल्का महसूस करता है। वहीं जरूरत से ज्यादा सामान, तंग रास्ते और हर कोने का भरा हुआ होना घर को देखने में ही नहीं, महसूस करने में भी भारी बना सकता है। वास्तु शास्त्र में इसी संतुलन को समझने के लिए घर की खाली जगह यानी ‘Breathing Space’ को खास महत्व दिया जाता है। आइए वास्तु से समझते हैं इसके (Breathing Space in Home) बारे में...

घर का ‘Breathing Space’ क्या है?

सरल भाषा में कहें तो Breathing Space का अर्थ है - घर के भीतर ऐसी पर्याप्त खुली जगह जहां हवा और रोशनी आसानी से आ-जा सके और व्यक्ति बिना किसी रुकावट के चल-फिर सके। यह सिर्फ किसी बड़े कमरे या खुले आंगन का नाम नहीं है। कमरे में फर्नीचर के बीच की दूरी, दरवाजे के सामने खुला स्थान, खिड़कियों के आसपास की जगह, गलियारों की चौड़ाई और घर के बीच का खुलापन भी इसका हिस्सा हो सकता है। वास्तु की दृष्टि से घर को पूरी तरह भरा हुआ रखने के बजाय संतुलित और व्यवस्थित रखना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।