Krishna Ji Ke Bhajan Lyrics: भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे भजन मन को श्रद्धा और प्रेम के भाव से भर देते हैं। कहीं मुरलीधर की मधुर लीलाओं का वर्णन मिलता है, तो कहीं राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम की झलक दिखाई देती है। यहां पढ़ें भगवान कृष्ण के लोकप्रिय भजनों के लिरिक्स, जिनके जरिए आप कान्हा की भक्ति में रम सकते हैं। कृष्ण भजनों में कहीं उनके बाल स्वरूप की नटखट लीलाओं का वर्णन होता है, तो कहीं राधा रानी के साथ उनके दिव्य प्रेम और भगवान के विराट स्वरूप की महिमा गाई जाती है। इन भजनों को सुनने और गाने से भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति होती है।
भगवान श्रीकृष्ण के भजनों की दुनिया बेहद खूबसूरत है। इनमें कहीं यशोदा के लाला की बाल लीलाएं हैं, तो कहीं राधा-कृष्ण के प्रेम की मधुर अनुभूति होती है। यहां पढ़ें कान्हा जी के ऐसे ही कुछ लोकप्रिय भजनों के लिरिक्स।
भगवान कृष्ण के भजन लिरिक्स - Krishna Bhajan Lyrics
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है.....
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है
करते हो तुम कन्हैया, करते हो तुम कन्हैया
मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है
तुम साथ हो जो मेरे, किस बात की कमी है
तुम साथ हो जो मेरे, किस बात की कमी है
मुझे और अब किसी की, परवाह भी नहीं है
मुझे और अब किसी की, परवाह भी नहीं है
तेरी वज़ाहतों से, तेरी वज़ाहतों से
मालामाल हो रहा है
करते हो तुम कन्हैया, करते हो तुम कन्हैया
मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है
पतवार के बिना ही, मेरी नाव चल रही है
पतवार के बिना ही, मेरी नाव चल रही है
हैरान है जमाना, मंज़िल भी मिल रही है
हैरान है ज़माना, मंज़िल भी मिल रही है
अब क्या बताऊँ मोहन, अब क्या बताऊँ मोहन
आराम हो रहा है
करते हो तुम कन्हैया, करते हो तुम कन्हैया
मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है
मैं तो नहीं हूँ काबिल, तेरा प्यार कैसे पाऊँ
टूटी हुई वाणी से, गुणगान कैसे गाऊँ
तेरी प्रेरणा से ही सब, ये कमाल हो रहा है
करते हो तुम कन्हैया, करते हो तुम कन्हैया
मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा...
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा,
पितु मात स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
बंदी गृह के तुम अवतारी, कहीं जन्मे कहीं पले मुरारी,
किसी के जाए किसी के कहाये, है अद्भुत हर बात तिहारी,
गोकुल में चमके मथुरा के तारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा,
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
अधर में बंशी ह्रदय में राधे, बट गए दोनों में आधे आधे,
हे राधा नागर हे भक्त वत्सल, सदैव भक्तो के काम साधे,
वहीँ गए जहाँ गए पुकारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा,
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
गीता में उपदेश सुनाया, धर्म युद्ध को धर्म बताया,
कर्म तो कर मत रख, फल की इक्षा, ये सन्देश तुम्ही से पाया,
अमर है गीता के बोल सारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा,
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
राधे कृष्णा राधे कृष्णा, राधे राधे कृष्णा कृष्णा, राधे कृष्णा राधे कृष्णा, राधे राधे कृष्णा कृष्णा।।
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा, पितु मात स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
भगवान श्रीकृष्ण के भजन केवल उनकी महिमा का गुणगान नहीं करते, बल्कि प्रेम, समर्पण और जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते हैं। कान्हा की मधुर लीलाओं से लेकर राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम तक, हर भजन में भक्ति का एक अलग रंग देखने को मिलता है। यहां दिए गए भजनों के लिरिक्स पढ़कर आप भी श्रीकृष्ण की भक्ति में रम सकते हैं।
