Ram Ji Ke Bhajan Lyrics In Hindi: भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम से जाना जाता है, जिनकी पूजा हिंदू धर्म के लोग पूरी श्रद्धा से करते हैं। राम जी को धर्म, न्याय, सत्य, आदर्श, कर्तव्यपरायणता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि श्रीराम की पूजा और उनके भजनों को गाने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही जीवन के तमाम संकटों से मुक्ति मिलती है। भजनों के माध्यम से भगवान से जुड़ने का प्रयास किया जाता है। वैसे तो किसी भी दिन राम जी के भजन गाए जा सकते हैं, लेकिन गुरुवार के दिन भजनों को गाने-सुनने से विशेष लाभ होता है। यहां से आप राम जी के कुछ प्रसिद्ध भजनों के लिरिक्स पढ़ सकते हैं।
रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम... (raghupati raghav raja ram patit pavan sitaram bhajan lyrics)
रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम॥
सुंदर विग्रह मेघश्याम गंगा तुलसी शालग्राम॥
रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम॥
भद्रगिरीश्वर सीताराम भगत-जनप्रिय सीताराम॥
रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम॥
जानकीरमणा सीताराम जयजय राघव सीताराम॥
रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम॥
रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम॥
मेरे राम की सवारी... (mere ram ki sawari bhajan lyrics in hindi)
हे उतर रही है उतर रही
मेरे राम की सवारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
हे उतर रही है उतर रही
मेरे राम की सवारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
सोने की नगरी रत्नों की धरती
चमक न्यारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
एक ही नाम का
एक ही काम का
चहूं ओर घन घोर
जय घोष श्री राम का
बदल रहा युग बदल रहा
बदल रहा युग बदल रहा
देवों ने आरती उतारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
हमरे भी द्वारे
तुम्हरे भी द्वारे
आंगन आंगन घर घर
राम जी पधारे
झूमे नभ जल थल
तीनों लोकों में हलचल
मच रही भारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
हे उतर रही है उतर रही
मेरे राम की सवारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
सोने की नगरी रत्नों की धरती
चमक न्यारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
स्वागत करता स्वयं मेरे
भोले भंडारी हो
भोले भंडारी हो
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो (payo ji maine ram ratan dhan payo lyrics in hindi)
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु। कृपा कर अपनायो।
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
जन्म जन्म की पूंजी पाई। जग में सब ही खुमायो।
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
खर्च ना खूटे, चोर ना लूटे। दिन दिन बढ़त सवायो।
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
सत की नाव खेवटिया सतगुरु। भवसागर तरवयो।
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर। हर्ष हर्ष जस गायो।
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
राम जी के भजनों में उनके स्वरूप, भक्ति, करुणा और शक्ति का वर्णन किया गया है, जिन्हें गाने से मन में समर्पण का भाव मजबूत होता है। साथ ही दिमाग शांत रहता है और व्यक्ति को नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है।
