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Navratri Puja Rules: नवरात्रि की पूजा में भूलकर भी करें ये गलती, जानें कलश और अखंड ज्योति से जुड़े नियम

Navratri Puja Rules: नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करते समय कलश स्थापना, अखंड ज्योति, जौ बोने और पूजा स्थल की स्वच्छता से जुड़े नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। जानें पूजा की परंपराएं, जरूरी सावधानियां और नियम।

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Navratri Puja Rules

Navratri Puja Rules: नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना, साधना और आत्मशुद्धि का विशेष अवसर माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त विधि-विधान से माता रानी की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और घर के मंदिर में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति प्रज्वलित करते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में सच्चे मन से की गई पूजा और साधना से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, पूजा के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर कलश स्थापना, अखंड ज्योति और पूजा स्थल की स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन करने की परंपरा है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि (Navratri 2026) की पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. पूजा स्थल की साफ-सफाई

नवरात्रि की पूजा शुरू करने से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। जिस स्थान पर माता रानी की चौकी सजाई जानी है, वहां गंगाजल छिड़ककर स्थान को शुद्ध करने की परंपरा है। पूजा घर से पुराने फूल, सूखी मालाएं और ऐसी सामग्री हटा दें, जिनका पूजा में इस्तेमाल नहीं हो सकता। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर को साफ चौकी पर स्थापित करें। पूजा स्थल को फूलों, दीपकों और स्वच्छ वस्त्रों से सजाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्वच्छ और शांत वातावरण में पूजा करने से मन एकाग्र रहता है।