धर्म

छोटी दिवाली पर जरूर जानें रूप चौदस की ये पौराणिक कथा, जानें यम दीपदान का महत्व

Roop Chaudas 2026: रूप चौदस को छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और नरकासुर की कथा सुनने के साथ यम दीपदान का विशेष महत्व है।

Image

Roop Chaudas Katha

Roop Chaudas Katha: रूप चौदस को नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे भगवान श्रीकृष्ण और राक्षस नरकासुर से जुड़ी एक पौराणिक कथा प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन समय में नरकासुर नाम का एक शक्तिशाली असुर था। वह बहुत अत्याचारी था और उसने अपने आतंक से देवताओं से लेकर आम लोगों तक को परेशान कर रखा था। नरकासुर ने 16 हजार कन्याओं को बंदी बना लिया था। उसके अत्याचारों से तीनों लोकों में भय का माहौल था।

जब नरकासुर के आतंक से सभी परेशान हो गए, तो देवताओं ने भगवान श्रीकृष्ण से मदद मांगी। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण अपनी पत्नी सत्यभामा के साथ नरकासुर का अंत करने के लिए निकल पड़े। दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ और आखिरकार भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर दिया। इसके साथ ही उसकी कैद में बंद 16 हजार कन्याओं को भी आजाद कराया गया।