दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है। इस दिन सोना, चांदी और पीतल की वस्तुएं खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। हालांकि, हर किसी के लिए महंगी धातुओं की खरीदारी करना संभव नहीं होता है। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार, कुछ ऐसी सस्ती और पवित्र वस्तुएं भी हैं जिन्हें घर लाना अत्यंत शुभ माना गया है। ये चीजें न केवल बजट के अनुकूल हैं, बल्कि मां लक्ष्मी को भी अत्यंत प्रिय हैं। यदि आप इस धनतेरस पर सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। बाजार में मात्र 11 रुपये में मिलने वाली कुछ विशेष चीजें खरीदकर आप अपने घर में सकारात्मकता और समृद्धि का संचार कर सकते हैं। इन वस्तुओं का उपयोग करने से साल भर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहने की मान्यता है।
धनतेरस पर शुभ मानी जाने वाली 5 सस्ती वस्तुएं
रूई को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। बाजार में बहुत कम कीमत पर मिलने वाली रूई से आप दिवाली की शाम घी या सरसों के तेल के दीये के लिए बत्तियां बना सकते हैं। मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।सनातन परंपरा में पान और सुपारी का विशेष महत्व है। सुपारी को भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है, जबकि पान के पत्ते में मां लक्ष्मी का वास बताया गया है। इन्हें लक्ष्मी-गणेश के चरणों में अर्पित करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
बतासे को मां लक्ष्मी का प्रिय प्रसाद माना गया है। इसका संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से भी जोड़ा जाता है। दिवाली की पूजा में खील के साथ बतासों का भोग लगाने से कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होती है और घर में सुख-सुविधाओं की कमी नहीं रहती।
ज्योतिष शास्त्र में साबुत धनिया को धन का प्रतीक माना गया है। पूजा के दौरान मां लक्ष्मी के समक्ष साबुत धनिया रखें और पूजा संपन्न होने के बाद इसके कुछ दानों को घर के गमले में बो दें। इसे आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला उपाय माना जाता है।
लाल गुंजा को धन को आकर्षित करने वाली वस्तु माना गया है। दिवाली की पूजा में लाल गुंजा के 5, 7 या 11 दाने रखने की परंपरा है। पूजा के बाद इन दानों को अपनी तिजोरी या व्यापारिक स्थान पर रखने से बरकत बनी रहने की मान्यता है।
