पंचांग

Panchang: एक ही दिन में शुभ और अशुभ समय दोनों क्यों मिलते हैं? पंचांग से जानें दिन के अलग-अलग मुहूर्तों का रहस्य

Panchang: पंचांग में एक ही दिन शुभ और अशुभ समय कैसे तय किया जाता है। तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की बदलती स्थिति के आधार पर समय की प्रकृति तय होती है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं...

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एक दिन में शुभ-अशुभ समय क्यों?

Panchang: भारतीय सनातन परंपरा में समय को केवल घड़ी की सुइयों से नहीं मापा जाता, बल्कि उसकी प्रकृति और प्रभाव को भी समझने की कोशिश की जाती है। यही वजह है कि पंचांग में एक ही दिन कुछ समय को शुभ और कुछ समय को अशुभ या वर्जित बताया जाता है। कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर एक ही दिन का समय अलग-अलग फल देने वाला कैसे हो सकता है? इसका उत्तर पंचांग (Hindu Panchang) के पांच अंगों और मुहूर्त गणना में छिपा है। आइए आज पंचांग के इस महत्वपूर्ण विषय को समझते हैं विस्तार से...

पंचांग के पांच अंग तय करते हैं समय की प्रकृति

पंचांग मुख्य रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण से मिलकर बनता है। इन पांचों की स्थिति के आधार पर किसी दिन के समय की शुभता-अशुभता का आकलन किया जाता है। सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक इनकी स्थिति लगातार बदलती रहती है। इसलिए पूरे दिन को एक समान नहीं माना जाता। किसी समय तिथि अनुकूल हो सकती है, तो किसी दूसरे समय नक्षत्र या योग की स्थिति अलग हो सकती है।